भारत के Top 10 सबसे धनी परिवार - अदानी, अंबानी नहीं, यह परिवार है भारत के असली अमीर खानदान। Top 10 richest Indian Families.
नमस्कार आज हम बात करेंगे भारत के सबसे धनी परिवारों के बारे में। आपने यूट्यूब या गूगल पर भारत के 10 सबसे धनी परिवारों के बारे में तो पढ़ा या देखा ही होगा, लेकिन आपने अगर ध्यान दिया होगा तो इनमें से ज्यादातर अंबानी या अदानी को सबसे धनी परिवारों के रूप में रखा जाता है। लेकिन यह तो वह Self-made Billionaire लोग है, जिन्होंने अपने व्यवसाय की शुरुआत कुछ ही समय पहले की थी। जैसे अंबानी परिवार या अदानी परिवार के बारे में बात करें तो गोतम अदानी ने अपने व्यवसाय की शुरुआत कुछ ही वर्ष पहले शुरू की थी यानी कि वह (Self-made Billionaire) सेल्फ-मेड बिलेनियर हैं।
लेकिन आज हम आपको बताएंगे भारत के ऐसे औद्योगिक घरानों के बारे में जो कई पीढ़ियों से भारत के व्यापार जगत में स्थापित है, और कई पीढ़ियों से चले आ रहे हैं, और आज भी परिवार के रूप में एक साथ रहते हैं। इसमें हम टाटा समूह को शामिल नहीं करेंगे, क्योंकि टाटा परिवार (Tata foundation) टाटा फाउंडेशन के रूप में जाना जाता है, ना कि परिवार के रूप में। तो चलिए जानते हैं, 10 Richest Indian Families भारत के 10 सबसे धनी ऐसे परिवारों के बारे में जो कई पीढ़ियों से भारत के उद्योग और व्यापार जगत में अपना योगदान दे रहे हैं।
1 Mistry Family
मिस्त्री परिवार भारत का सबसे धनी परिवार है। यह Shapoorji Pallonji समूह का मालिक है। Shapoorji Pallonji Group एक Conglomerate है। यह Construction, real estate, textiles, engineering goods, home appliance, shipping, publication, power and biotechnology कंपनी है। इसकी स्थापना 1865 में पालोनजी मिस्त्री ने की थी। समुह की SP engineering and construction कंपनी ने भारत के कुछ जानी-मानी इमारतों का भी निर्माण किया है। जिसमें रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज और मुंबई का मशहूर ताज होटल का निर्माण भी इन्होंने ही किया था। इसके अलावा ओमान के सुल्तान का महल भी इन्होंने ही बनाया था। शापूर्जी पल्लोंजी ग्रुप में कई कंपनियां है। लेकिन फिर भी इनकी 90% दौलत ( Tata sons) टाटा ग्रुप में हिस्सेदारी के रूप में है। पाल्लोंजी परिवार, टाटा संस में लगभग 18.4% की हिस्सेदारी रखता है। जो टाटा परिवार के 65% के बाद सबसे बड़ी हिस्सेदारी है। मिस्त्री परिवार के मुखिया पालोनजी मिस्त्री थे। जिनकी पिछले साल जून 2022 को 93 वर्ष की आयु में मृत्यु हो गई और उसके कुछ महीने बाद उनके बेटे साइरस मिस्त्री की भी सितंबर 2022 को 54 वर्ष की आयु में एक रोड एक्सीडेंट में मृत्यु हो गई। परिवार की कुल संपत्ति लगभग 31 से 35 अरब डॉलर या ₹2.87 लाख करोड़ है।
2 Hinduja Family
हिंदुजा परिवार एक सिंधी परिवार है, और (Hinduja Group) हिंदुजा समुह का मालिक है। हिंदुजा समूह की स्थापना 109 साल पहले 1914 में परमानंद दीपचंद हिंदुजा (Parmanand deepchand Hinduja) ने की थी। शुरुआत में शिकारपुर (जो आज पाकिस्तान में है) और मुंबई से काम करते थे। 1919 में ईरान में पहली बार इन्होंने अंतरराष्ट्रीय व्यापार की शुरुआत की। 1979 तक लगभग 60 साल इनका मुख्यालय ईरान में रहा लेकिन, जब ईरान में इस्लामी क्रांति हुई, तो इनको भी मजबूरी में ईरान छोड़ना पड़ा था। 1979 में दो भाई श्रीचंद और गोपीचंद हिंदुजा, लंदन (UK) यूके चले गए और अपना एक्सपोर्ट का बिजनेस शुरू किया। वहीं तीसरे भाई प्रकाश हिंदूजा, समूह के कारोबार को जिनेवा, स्विजरलैंड से संभालते हैं। वहीं सबसे छोटे भाई अशोक हिंदूजा भारत में समूह के व्यवसाय को देखते हैं।
इसी वर्ष मई, 2023 को सबसे बड़े भाई श्रीचंद हिंदुजा का 87 वर्ष की आयु में निधन हो गया। हिंदुजा समूह की 2022 में सालाना आय लगभग 70 बिलियन डॉलर थी। हिंदुजा समूह में 200000 से भी ज्यादा लोग काम करते हैं। श्रीचंद और गोपीचंद हिंदुजा कई बार UK के सबसे धनी व्यक्ति भी रहे। भारत में हिंदुजा समूह की कंपनियों में से अशोका लेलैंड, इंडसइंड बैंक इसके अलावा स्विट्जरलैंड में भी हिंदुजा बैंक के नाम से व्यवसाय करते हैं। इनकी कुल संपत्ति $35 अरब डॉलर या ₹2.85लाख करोड़ है।
3 Birla Family
बिरला परिवार, भारत में टाटा के बाद शायद सबसे ज्यादा सम्मानित व्यापारिक घराना है। बिरला परिवार का संबंध पिलानी, झुंझुनू ,राजस्थान से है, और यह मारवाड़ी कम्युनिटी से संबंध रखते हैं। बिरला समूह की स्थापना शिवनारायण बिरला ने 166 साल पहले 1857 में की थी। आज बिरला परिवार तीन अलग-अलग समूह में काम करता है इसमें से सबसे बड़ा (Aditya Birla group) आदित्य बिरला समूह है। इसके अलावा (C.k. Birla group) सी. के. बिरला समूह और (The Yesh Birla group) यश बिरला समूह। इनमें से सबसे बड़ा आदित्य बिरला ग्रुप है, जो लगभग 36 देशों में व्यवसाय करता है। 2022 में आदित्य बिरला ग्रुप में लगभग $60 डॉलर का व्यवसाय किया था। आदित्य बिरला ग्रुप में लगभग 140000 से ज्यादा लोग काम करते हैं। समूह की कुल आय का 50% विदेशों से आता है। आदित्य बिरला समूह की कुछ जानी-मानी कंपनियां Grasim industries, Hindalco, UltraTech cement, Vodafone Idea, Aditya Birla capital, Aditya Birla fashion and retail, Aditya Birla Sun Life आदि है। वहीं Ck Birla group में Orient electric, Orient paper and industries, Hyderabad industries limited, और NBC bearings आदि है। CK Birla group की लगभग 41 फैक्ट्रियों में 25000 से भी ज्यादा लोग काम करते हैं। वह इस समूह की सालाना आय लगभग 3 बिलीयन डॉलर है। इसके अलावा यश बिरला समूह में 3500 लोग काम करते हैं। और यह ₹30 अरब का व्यवसाय करता है। कुमार मंगलम बिरला की कुल संपत्ति लगभग $16 बिलीयन डॉलर या ₹1.35 लाख करोड़ है।
4 Godrej Family
गोदरेज परिवार भी भारत का जाना पहचाना और सम्मानित व्यापारिक घराना है। गोदरेज परिवार एक पारसी परिवार है, और यह Godrej Group का मालिक है। गोदरेज समुह की स्थापना 126 साल पहले दो भाईयों Ardeshir Burjorji Sorabji Godrej और Pirojsha Burjorji Godrej ने 1897 में की थी। तब गोदरेज ने सबसे पहले तालों से व्यवसाय की शुरुआत की थी। बाद में 1902 में तिजोरियां, 1918 में साबुन, 1920 में वनस्पति तेल से साबुन बनाने से बहुत जल्दी लोकप्रिय हो गया। क्योंकि इससे पहले साबुन बनाने में पशुओं की चर्बी का प्रयोग किया जाता था। आज के गोदरेज समुह रियल एस्टेट, कंज्यूमर प्रोडक्ट, इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग, होम अप्लायंस, फर्नीचर, सिक्योरिटी और एग्रीकल्चर प्रोडक्ट में व्यवसाय करता है।
वर्तमान में गोदरेज समूह की कई सब्सिडरी कंपनियां है, Godrej Consumer, Godrej Infotech, Godrej Industries, Godrej Properties, Godrej Agrovet, Godrej & Boyce आदि। वर्तमान में गोदरेज समूह के अध्यक्ष (Adi Godrej) आदि गोदरेज है। गोदरेज समूह में लगभग 28000 लोग काम करते हैं। वर्तमान में गोदरेज परिवार की कुल संपत्ति $14 बिलीयन डॉलर या ₹1.15 लाख करोड़ के लगभग है। लेकिन इनकी सबसे मूल्यवान संपत्ति गोदरेज समूह के अलावा मुंबई के विक्रोली में 3500 एकड़ की जमीन को माना जाता है। इसमें से 1750 एकड़ में मैंग्रोव जंगल है। लेकिन इसके अलावा जो जमीन बचती है, अगर उसको विकसित किया जाए तो इसकी कुल कीमत $12अरब डॉलर से भी ज्यादा होने का अनुमान है।
5 Bajaj Family
बजाज परिवार भारत के जाने-माने बजाज समूह का मालिक है। Bajaj Group (बजाज समूह) की स्थापना 1926 में जमनालाल बजाज ने की थी। जमुना लाल बजाज महात्मा गांधी के बहुत बड़े अनुयाई थे। जिनको बाद में महात्मा गांधी ने अपना पांचवा बेटा कहा था। बाद में भी गांधी नेहरू परिवार से बजाज परिवार का संबंध काफी अच्छा रहा। 1990 के उदारीकरण के दौर से पहले जब भारत में लाइसेंस राज था, तब केवल 3 औद्योगिक घराने टाटा, बिरला और बजाज को भारतीय राजनीति से जोड़ा जाता था। टाटा और बिरला का ध्यान अंतर्राष्ट्रीय व्यवसाय की तरफ था। वही बजाज समूह ने घरेलू बाजार में काफी अच्छा आधार बनाया। बजाज परिवार और गांधी नेहरू परिवार के संबंधों के बारे में आपको यहां से अनुमान लग जाएगा, कि कहां जाता है, कि राहुल गांधी का नाम राहुल बजाज के नाम पर ही रखा गया है। जो बजाज समूह के अध्यक्ष थे जिनका फरवरी 2022 में 86 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वहीं राजीव गांधी के नाम पर राहुल बजाज ने अपने बेटे का नाम राजीव बजाज रखा था। बजाज समूह में लगभग 40 से भी ज्यादा कंपनियां है। जिसमें से 6 कंपनियां तो भारतीय शेयर बाजार में भी लिस्टेड है। 2008 में राहुल बजाज के बड़े भाई शिशिर बजाज ने बजाज ग्रुप को दो हिस्सों में बांट दिया और कंज्यूमर गुड्स, एनर्जी, शुगर और रियल एस्टेट के व्यवसाय को संभालने लगे। बजाज समूह के कुछ जानी-मानी कंपनियां है,- Bajaj auto, Bajaj consumer care, Bajaj finance, Bajaj finserv, Bajaj electricals, Bajaj Hindustan, और Mukund. बजाज समूह में इस समय लगभग 60000 से भी ज्यादा लोग काम करते हैं। बजाज परिवार की कुल संपत्ति $14.6 बिलीयन डॉलर या ₹1.20 लाख करोड़ है।
6 Burman Family
बर्मन परिवार मूल रूप से पंजाबी खत्री है। वर्मन परिवार (Dabur Group) डाबर समूह का मालिक है। डाबर समूह की स्थापना 140 साल पहले 1884 में डॉ. एस के बर्मन ने कोलकाता में की थी। उन्होंने शुरू में हैजा, कब्ज़ और मलेरिया जैसी बीमारियों के लिए आयुर्वेदिक दवाएं तैयार की और साइकिल पर बंगाल में अपनी दवाएं बेचने लगे। लोग उनकी दवाओं को "डाबर" नाम से संबोधित करने लगे। डाबर डॉक्टर को (डाक्टर) और बर्मन शब्दों को मिलाकर बनता है।
आज डाबर समूह पर्सनल केयर, स्किन केयर, हेयर केयर, ओरल हाइजीन, हेल्थ सप्लीमेंट और ड्रिंक्स में काम करता है। डाबर भारत की जानी-मानी आयुर्वेदिक और कंज्यूमर गुड्स कंपनियों में से एक है। डाबर में इस समय लगभग 8 हजार लोग काम करते हैं। डाबर समूह में बर्मन फैमिली 66.24% हिस्सेदारी रखती है। बर्मन परिवार की कुल संपत्ति $10 अरब डॉलर या ₹82 हजार करोड़ है।
7 Wadia Family
वाडिया परिवार सूरत का एक पारसी परिवार था, जो अब मुंबई में रहता है। जब भी हम भारत के पुराने औद्योगिक घरानों की बात करते हैं, तो हमें टाटा, बिरला या गोदरेज आदि का नाम सामने आता है, लेकिन वाडिया इनसे भी 100 साल पुराना औद्योगिक घराना है। वाडिया परिवार The Wadia Group का मालिक है, जिसकी स्थापना Lovji Nusserwanjee Wadia ने 287 साल पहले 1736 में मुंबई में की थी। जबकि Tata 155 साल पहले 1868 व Birla 166 साल पहले 1857 में स्थापित किया गया था। अपने शुरुआती दिनों में वाडया परिवार ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी
के लिए जहाजों का निर्माण करता था। जब ईस्ट इंडिया कंपनी का पूरे भारत में राज हो गया तो यह परिवार काफी धनी हो गया था। आज वाडिया समूह टेक्सटाइल, एविएशन, केमिकल, फूड प्रोसेसिंग, कॉफी प्लांटेशन, मीडिया और रियल एस्टेट में व्यवसाय करता है। वाडिया ग्रुप के कुछ जाने पहचाने कंपनियों में से (Go First) गो फर्स्ट एयरलाइंस (अब दिवालिया घोषित कर दिया)। (Britannia) ब्रिटानिया इंडस्ट्री, (Bombay Dyeing) बॉम्बे डाइंग, बॉम्बे रीयल्टी, (Bombay Burmah) बॉम्बे बर्माह और (National Peroxide) नेशनल पेरोक्साइड आदि है। वर्तमान में Nusli Wadia ग्रुप के चेयरमैन है। वाडिया परिवार की कुल संपत्ति लगभग $10 billion-dollar या ₹81 हजार करोड़ है।
8 Murugappa Family
मुरुगप्पा परिवार, तमिलनाडु के Nattukottai Chettiai समुदाय से आता है। यह एक दक्षिण भारतीय व्यापारिक समुदाय है, जैसे मारवाड़ी, सिंधी और गुजराती होते हैं। मुरुगप्पा परिवार Murugappa Group का मालिक है। मुरुगप्पा परिवार ने 123 साल पहले सन् 1900 में मुरुगप्पा समूह की स्थापना की थी। मुरुगप्पा समूह में आज 28 कंपनियां है, जिनमें से 9 शेयर बाजार में भी लिस्टेड है। मुरुगप्पा समूह साईकिल, शुगर, ऑटो कंपोनेंट, फर्टिलाइजर, बायो प्रोडक्ट्स, एग्रीकल्चर, इंजीनियरिंग और फाइनेंसियल सर्विस में व्यवसाय करता है। मुरुगप्पा समूह की कुछ कंपनियां है cholamandalam investment & finance, cholamandalam General insurance, Coromandel investment, tube investment India, Crompton & Grives. मुरुगप्पा समूह में 60000 से भी ज्यादा लोग काम करते हैं। मुरुगप्पा परिवार की कुल संपत्ति लगभग $6 बिलीयन डॉलर या ₹50 हजार करोड़ है।
9 Goenka Family
गोयनका परिवार RPG Group का मालिक है। जिसकी स्थापना 203 वर्ष पहले 1820 में Ramdutt Goenka ने की थी। आज परिवार का व्यवसाय दो हिस्सों में बांट दिया गया है। एक भाग RPSG Group को Sanjiv Goenka और RPG Group को Harsh Goenka संभालते हैं। गोयंका समूह टायर, इंफ्रास्ट्रक्चर, Agriculture और टेक्नोलॉजी में व्यवसाय करता है। CEAT Tyre, KEC International, Zensar Technologies और Harrisons Malayalam जैसी कम्पनियां समुह का हिस्सा है। Harrisons Malayalam के पास केरल में 10 चाय बागान और 10 रबड़ के स्टेट्स हैं। इनके पास 14000 हेक्टेयर से 26000 हेक्टेयर तक के रबड़ और चाय के स्टेट्स हैं। जहां 13000 से भी ज्यादा लोग काम करते हैं। गोयंका ग्रुप में 30000 से भी ज्यादा लोग काम करते हैं। गोयंका परिवार की कुल संपत्ति लगभग $6 अरब डॉलर या ₹50 हजार करोड़ है।
10 Muthoot Family
मुथूट परिवार केरल के orthodox Syrian Christian समुदाय से संबंध रखते है, और अपने समुदाय के सबसे प्रभावशाली लोगों में से हैं। मुथूट परिवार मुथूट ग्रुप का मालिक है। 1887 में मुथूट परिवार के द्वारा मुथूट समूह की स्थापना की गई थी। आज मुथूट समूह finance, hospitality, broadcast media, healthcare, education, renewal energy, real estate और restaurant में काम करता है।
आज मुथूट समूह 20 प्रकार के बिजनेस करता है। इसकी देशभर में 5838 से भी ज्यादा ब्रांच फैली हुई है। मुथूट समूह में लगभग 40000 से भी ज्यादा लोग काम करते हैं। मुथूट भारत की सबसे बड़ी गोल्ड लोन कंपनी है। भारत में रिजर्व बैंक के बाद सबसे ज्यादा 146 टन सोना केवल मुथूट फाइनेंस के पास ही है। मुथुट परिवार की कुल संपत्ति $5 अरब डॉलर या ₹40 हजार करोड़ के लगभग है।
Comments
Post a Comment